Pyaj kheti : प्याज का साइज सिर्फ 7 दिन में डबल करने वाला खाद और स्प्रे | Pyaj ka size kaise badhaye

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प्याज की खेती करने वाले किसान भाइयों के लिए सबसे बड़ी चुनौती सही समय पर प्याज के कंद का आकार बढ़ाना होता है। जब फसल 80 से 100 दिन की हो जाती है, तब प्याज का साइज बढ़ाना बहुत जरूरी होता है ताकि बाजार में फसल का सबसे अच्छा भाव मिल सके। इस लेख में हम आपको कुछ ऐसे बेहतरीन खाद और स्प्रे के बारे में बताएंगे जिससे प्याज का साइज तेजी से बढ़ता है और फसल चमकदार बनती है।

प्याज का साइज बढ़ाने के लिए पोटाश का महत्व

कंद वर्गीय फसलों जैसे प्याज में कंद का आकार बड़ा करने और उसकी चमक बढ़ाने के लिए पोटाश सबसे मुख्य पोषक तत्व माना जाता है। प्याज फूलते समय खेत में पोटाश की कमी होने से प्याज का आकार छोटा रह जाता है और कंद मजबूत नहीं बनते। सही समय पर सही खाद देने से मिट्टी में मौजूद तत्व सीधे कंद को बड़े होने में मदद करते हैं, जिससे प्याज का वजन भी बढ़ता है।

पोटाश के साथ-साथ प्याज की खेती में बोरॉन की भी बहुत बड़ी भूमिका होती है। बहुत बार ऐसा होता है कि प्याज का साइज तो बढ़ता है लेकिन कंद बीच से फटने लगते हैं। बोरॉन का सही इस्तेमाल प्याज को फटने से रोकता है और उसकी ऊपरी परत को मजबूत और गहरा लाल बनाता है, जिससे भंडारण के दौरान प्याज लंबे समय तक खराब नहीं होता।

प्याज का कंद बढ़ाने के लिए सबसे मुख्य खाद

जब प्याज की फसल अपने अंतिम चरण में होती है, तब पौधों को भारी मात्रा में फास्फोरस और पोटेशियम की जरूरत होती है। इस समय नाइट्रोजन यानी यूरिया का इस्तेमाल बिल्कुल बंद कर देना चाहिए क्योंकि इससे केवल पत्ते बढ़ते हैं और नीचे प्याज का आकार छोटा रह जाता है। किसान भाई नीचे दी गई तालिका के अनुसार सही मात्रा में खादों का चुनाव कर सकते हैं।

प्याज का आकार और वजन बढ़ाने वाली मुख्य खादों का विवरण इस प्रकार है:

खाद का नामसही मात्रा (प्रति एकड़)मुख्य लाभ और उपयोग का तरीका
NPK 0:0:50 (पोटेशियम सल्फेट)6 से 8 किलोग्रामकंद का आकार और चमक तेजी से बढ़ाता है, इसे सिंचाई के साथ जमीन से दें।
कैल्शियम नाइट्रेट8 से 10 किलोग्रामप्याज की मजबूती और भंडारण क्षमता सुधारता है, जिससे प्याज सड़ता नहीं है।
बोरॉन (Boron 20%)250 ग्रामप्याज को फटने से बचाता है और परत को चमकदार व आकर्षक बनाता है।

प्याज का साइज तेजी से बढ़ाने वाले मुख्य स्प्रे

जमीन से खाद देने के साथ-साथ पत्तों पर स्प्रे करना भी बहुत फायदेमंद होता है क्योंकि इससे पौधे तुरंत पोषक तत्वों को सोख लेते हैं। आखिरी चरण में पत्तों के माध्यम से दिया गया पोषण सीधे प्याज के आकार को बड़ा करने में मदद करता है।

  • NPK 0:52:34 का स्प्रे: यह खाद प्याज की रोपाई के 60 से 80 दिन की अवस्था पर स्प्रे की जाती है, जिससे पौधे की जड़ों का विकास होता है और कंद मोटा होने लगता है।
  • NPK 0:0:50 का छिड़काव: जब प्याज का कंद पूरी तरह आकार ले रहा हो, तब इसका स्प्रे करने से प्याज का वजन और उसकी लाल चमक काफी बढ़ जाती है।
  • बोरॉन और पोटाश का मिक्स स्प्रे: इन दोनों को मिलाकर छिड़काव करने से प्याज का आकार सुधरा हुआ रहता है और कंद के फटने की समस्या पूरी तरह खत्म हो जाती है।

प्लांट ग्रोथ रेगुलेटर (PGR) का सही इस्तेमाल

अगर प्याज की फसल 80 से 90 दिन की हो चुकी है और उसके ऊपर के पत्ते बहुत ज्यादा बड़े और हरे दिखाई दे रहे हैं, तो पौधे की पूरी ऊर्जा पत्तों के विकास में ही लग जाती है। ऐसी स्थिति में प्याज का साइज छोटा रह जाता है क्योंकि कंद को पूरा पोषण नहीं मिल पाता। इस समस्या से निपटने के लिए किसान भाइयों को प्लांट ग्रोथ रेगुलेटर यानी पीजीआर का उपयोग करना चाहिए।

लिहोसिन या कलटार जैसे अच्छे प्लांट ग्रोथ रेगुलेटर का छिड़काव करने से पौधों की ऊपरी बढ़त तुरंत रुक जाती है। इससे पत्तों का सारा रस और ताकत नीचे प्याज की तरफ मुड़ जाती है, जिससे प्याज का साइज बहुत ही कम दिनों में काफी बड़ा और भारी हो जाता है। इसका इस्तेमाल हमेशा फसल के अंतिम दिनों में ही करना चाहिए जब प्याज पूरी तरह बन रहा हो।

प्याज की खेती में सिंचाई और अन्य जरूरी सावधानियां

खाद और स्प्रे के अलावा प्याज के आकार को बढ़ाने में पानी का बहुत बड़ा हाथ होता है। कंद बनते समय खेत में हल्की नमी हमेशा बनी रहनी चाहिए, क्योंकि सूखे खेत में प्याज का विकास रुक जाता है और कंद कड़े हो जाते हैं। इसके साथ ही प्याज की खुदाई करने से लगभग 10 से 15 दिन पहले सिंचाई पूरी तरह से बंद कर देनी चाहिए ताकि प्याज अच्छी तरह पक जाए।

सरकारी कृषि योजनाओं, उन्नत कृषि तकनीकों और सब्सिडी वाली खादों की सही जानकारी के लिए किसान भाई भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट Ministry of Agriculture & Farmers Welfare पर जाकर भी जरूरी निर्देश और नई गाइडलाइंस देख सकते हैं। सही समय पर सही दवा और पानी का ध्यान रखने से प्याज की फसल से रिकॉर्ड तोड़ उत्पादन लिया जा सकता है।

प्याज की खेती में सही समय पर सही खाद और स्प्रे का प्रबंधन ही बंपर मुनाफा दिला सकता है। जब आपकी फसल कंद बनने की अवस्था में हो, तब पोटाश, बोरॉन और जरूरत पड़ने पर प्लांट ग्रोथ रेगुलेटर का सही तालमेल अपनाकर आप अपनी पैदावार को काफी हद तक बढ़ा सकते हैं। किसी भी स्प्रे का इस्तेमाल करते समय मौसम साफ होना चाहिए ताकि दवा का पूरा असर फसल पर दिखाई दे।

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