देश के गन्ना किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने और त्योहारों के सीजन में उन्हें बड़ी राहत देने के लिए सरकार की तरफ से एक बहुत बड़ा फैसला लिया गया है। मुख्यमंत्री ने राज्य के लाखों गन्ना किसानों को दिवाली का बड़ा तोहफा देते हुए गन्ने के सरकारी भाव में भारी बढ़ोतरी करने का ऐलान कर दिया है। सरकार के इस कदम से किसानों की प्रति एकड़ आमदनी में सीधे तौर पर इजाफा होगा, जिससे उनकी खेती की लागत निकालने में बड़ी मदद मिलेगी।
गन्ने के सरकारी रेट में हुई रिकॉर्ड बढ़ोतरी
मुख्यमंत्री ने किसान संगठनों के साथ हुई हालिया बैठक और उनकी मांगों को ध्यान में रखते हुए गन्ने के राज्य परामर्शित मूल्य यानी सैप (SAP) को बढ़ाने की आधिकारिक घोषणा कर दी है। सरकार ने किसानों की सहूलियत और फसल योजना को बेहतर बनाने के लिए अगले दो साल के गन्ने के भाव पहले से ही तय कर दिए हैं। इस फैसले से किसानों को बाजार में स्थिरता मिलेगी और वे बिना किसी अनिश्चितता के अपनी खेती का विस्तार कर सकेंगे।
- पेराई सत्र 2026-27 के लिए गन्ने का भाव बढ़ाकर 430 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है।
- पिछले सीजन में गन्ने का सरकारी भाव 415 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित था।
- इस साल की बढ़ोतरी के बाद किसानों को हर क्विंटल गन्ने पर सीधे 15 रुपये का अतिरिक्त मुनाफा होगा।
- अगले पेराई सत्र 2027-28 के लिए भी सरकार ने गन्ने का रेट 450 रुपये प्रति क्विंटल तय कर दिया है।
किसानों की प्रति एकड़ आमदनी में होगा बंपर इजाफा
खेती में इस्तेमाल होने वाले डीजल, खाद, बीज और मजदूरी की बढ़ती कीमतों के कारण किसान लंबे समय से गन्ने के दाम बढ़ाने की मांग कर रहे थे। मुख्यमंत्री द्वारा दी गई इस सौगात से अब गन्ना उत्पादकों को बढ़ती लागत के वित्तीय बोझ से बड़ी राहत मिलेगी। कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक, प्रति क्विंटल 15 रुपये से लेकर 35 रुपये तक की यह कुल बढ़ोतरी किसानों के घरों में खुशहाली लेकर आएगी।
आगामी सत्रों के लिए गन्ने की नई मूल्य तालिका
किसानों को अलग-अलग सत्रों में मिलने वाले नए सरकारी भाव और उससे होने वाले सीधे मुनाफे को आसानी से समझाने के लिए एक विस्तृत तालिका तैयार की गई है। नीचे दी गई तालिका से आप समझ सकते हैं कि पिछले वर्ष के मुकाबले आपकी कमाई कितनी बढ़ने वाली है:
| पेराई सत्र (सीजन) | गन्ने का नया सरकारी भाव (प्रति क्विंटल) | पिछले साल के मुकाबले शुद्ध वृद्धि | प्रति एकड़ आमदनी में औसतन अनुमानित लाभ |
|---|---|---|---|
| वर्ष 2025-26 | 415 रुपये | आधार मूल्य | सामान्य आय स्तर |
| वर्ष 2026-27 | 430 रुपये | 15 रुपये प्रति क्विंटल | 4,500 से 6,000 रुपये अतिरिक्त |
| वर्ष 2027-28 | 450 रुपये | 35 रुपये प्रति क्विंटल (कुल) | 10,000 से 11,500 रुपये अतिरिक्त |
समय पर भुगतान और पारदर्शी तौल व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने मूल्य वृद्धि की घोषणा करने के साथ ही सभी सहकारी और निजी चीनी मिलों को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि नए पेराई सत्र के दौरान किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। सरकार ने साफ किया है कि तौल केंद्रों पर पारदर्शिता रखने के लिए आधुनिक डिजिटल सिस्टम और कैमरों का इस्तेमाल किया जाएगा ताकि घटतौली की शिकायतों को पूरी तरह से खत्म किया जा सके।
- गन्ना तौल के 14 दिनों के भीतर किसानों के बैंक खातों में भुगतान की राशि सीधे ट्रांसफर करनी होगी।
- भुगतान में जानबूझकर देरी करने वाली चीनी मिलों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
- तौल पर्चियों का वितरण पूरी तरह से ऑनलाइन और एसएमएस के माध्यम से पारदर्शी रखा जाएगा।
मुख्यमंत्री द्वारा गन्ने के दामों में की गई यह बढ़ोतरी ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार देगी और गन्ना किसानों के चेहरों पर बड़ी मुस्कान लेकर आएगी। इस फैसले से न केवल किसानों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि वे भविष्य में गन्ने का रकबा बढ़ाने के लिए भी प्रोत्साहित होंगे जिससे चीनी मिलों को भी अपनी पूरी क्षमता से चलने के लिए पर्याप्त कच्चा माल मिल सकेगा। कृषि क्षेत्र की अन्य कल्याणकारी योजनाओं, सब्सिडी और आधिकारिक किसान इनपुट के बारे में प्रामाणिक जानकारी के लिए किसान भाई भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के आधिकारिक पोर्टल agriwelfare.gov.in पर जा सकते हैं।

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Gulab Singh