देश के लाखों गन्ना किसानों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करते हुए सरकार ने एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है। नए पेराई सत्र 2026-27 के लिए गन्ने के राज्य परामर्शित मूल्य यानी सैप (SAP) में सीधे 15 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी कर दी गई है। सरकार के इस कदम से अब गन्ने का नया सरकारी भाव बढ़कर 430 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और किसानों की आमदनी बढ़ाने में बहुत बड़ी मदद मिलेगी।
गन्ने के दामों में हुई बढ़ोतरी की मुख्य बातें
इस साल खेती की बढ़ती लागत जैसे खाद, बीज, डीजल और मजदूरी के खर्च को ध्यान में रखते हुए गन्ने के दामों को संशोधित करने का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री ने किसान यूनियनों के साथ हुई उच्च स्तरीय बैठक के बाद इस मूल्य वृद्धि को अपनी मंजूरी दी है। यह नया दाम चालू पेराई सीजन से ही पूरी तरह लागू माना जाएगा, जिससे किसानों को मिलों में गन्ना गिराते ही बढ़े हुए रेट का सीधा फायदा मिलना शुरू हो जाएगा।
- गन्ने की सभी श्रेणियों के लिए सरकारी भाव में प्रति क्विंटल 15 रुपये का इजाफा किया गया है।
- अगेती यानी जल्दी तैयार होने वाली उत्तम किस्म के गन्ने का भाव अब 430 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है।
- सामान्य श्रेणी के गन्ने का सरकारी रेट भी अब बढ़ाकर 415 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है।
- अनुपयुक्त या रिजेक्टेड श्रेणी के गन्ने के दाम में भी इसी अनुपात में सुधार किया गया है।
गन्ने के नए और पुराने सरकारी भाव का तुलनात्मक विवरण
किसानों को अलग-अलग श्रेणियों के हिसाब से मिलने वाले नए सरकारी भाव और पिछले साल के मुकाबले हुए बदलाव को आसानी से समझाने के लिए एक विस्तृत तालिका तैयार की गई है। नीचे दी गई तालिका से आप समझ सकते हैं कि इस पेराई सत्र में आपको अपनी फसल का क्या भाव मिलने वाला है:
| गन्ने की श्रेणी या किस्म | पुराना सरकारी भाव (प्रति क्विंटल) | नया संशोधित भाव (पेराई सत्र 2026-27) | प्रति क्विंटल होने वाला सीधा मुनाफा |
|---|---|---|---|
| अगेती किस्म (Early Variety) | 415 रुपये | 430 रुपये | 15 रुपये प्रति क्विंटल |
| सामान्य किस्म (General Variety) | 400 रुपये | 415 रुपये | 15 रुपये प्रति क्विंटल |
| अनुपयुक्त किस्म (Rejected Variety) | 395 रुपये | 410 रुपये | 15 रुपये प्रति क्विंटल |
14 दिनों के भीतर भुगतान करने का कड़ा निर्देश
सरकार ने गन्ने के दामों में 15 रुपये की बढ़ोतरी करने के साथ-साथ चीनी मिल मालिकों को भुगतान व्यवस्था को लेकर भी बेहद सख्त चेतावनी जारी की है। मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि मूल्य वृद्धि का असली लाभ किसानों को तभी मिलेगा जब उन्हें समय पर पैसा मिल पाए।
- चीनी मिलों को तौल केंद्र से गन्ना उठाने के 14 दिनों के भीतर किसानों के बैंक खातों में भुगतान ट्रांसफर करना होगा।
- यदि कोई भी मिल भुगतान करने में तय समय से ज्यादा की देरी करती है, तो उस पर भारी ब्याज और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
- तौल में होने वाली गड़बड़ियों को पूरी तरह रोकने के लिए सभी क्रय केंद्रों पर डिजिटल कांटे और सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।
पेराई सत्र 2026-27 के लिए गन्ने का भाव 15 रुपये बढ़ाकर 430 रुपये प्रति क्विंटल करना सरकार का किसानों के प्रति एक बेहद सराहनीय कदम है। इस फैसले से न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति सुधरेगी बल्कि वे आने वाले समय में गन्ने की खेती को और वैज्ञानिक व आधुनिक तरीके से करने के लिए प्रेरित होंगे। अपने गन्ने के सर्वे, सट्टा, पर्ची कैलेंडर और नए रेट के अनुसार भुगतान की आधिकारिक स्थिति देखने के लिए किसान भाई उत्तर प्रदेश सरकार के गन्ना विकास विभाग के आधिकारिक पोर्टल upcangov.in पर जाकर अपनी पूरी लॉगिन जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

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