उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों के लिए पेराई सत्र 2026-27 में गन्ना पर्ची और कैलेंडर की जानकारी काफी जरूरी है। किसान अब घर बैठे अपने मोबाइल से गन्ना पर्ची कैलेंडर, सर्वे डेटा, प्री-कैलेंडर और सप्लाई टिकट की जानकारी देख सकते हैं। इसके लिए गन्ना विभाग ने CaneUp Enquiry Portal की सुविधा दी है। अगर आप भी जानना चाहते हैं कि आपकी गन्ना पर्ची कब आएगी और 2026-27 का कैलेंडर कैसे देखना है, तो इसकी पूरी प्रक्रिया यहां समझें।
CaneUp पोर्टल पर 2026-27 का गन्ना कैलेंडर उपलब्ध
उत्तर प्रदेश गन्ना विभाग के आधिकारिक Enquiry Portal पर पेराई सत्र 2026-27 के लिए सर्वे डेटा और कैलेंडर से जुड़े विकल्प उपलब्ध हैं। किसान अपने गन्ना रिकॉर्ड के आधार पर इनकी जानकारी देख सकते हैं।
पोर्टल पर मुख्य रूप से ये सुविधाएं दी गई हैं:
| विकल्प | क्या जानकारी मिलेगी |
|---|---|
| सर्वे डेटा 2026-27 | खेत और गन्ने के सर्वे का विवरण |
| प्री-कैलेंडर | शुरुआती पर्ची व्यवस्था |
| गन्ना कैलेंडर | गन्ना आपूर्ति का निर्धारित कार्यक्रम |
| अतिरिक्त सट्टा कैलेंडर | अतिरिक्त दर्ज गन्ने की जानकारी |
| स्टैंडिंग केन कैलेंडर | खेत में खड़े गन्ने का विवरण |
| सप्लाई टिकट | जारी आपूर्ति पर्चियों की जानकारी |
| गन्ना तौल | मिल में हुई गन्ने की तौल का विवरण |
आधिकारिक वेबसाइट: Cane UP Enquiry Portal
मोबाइल से गन्ना पर्ची कैलेंडर 2026-27 कैसे देखें?
किसान अपने मोबाइल या कंप्यूटर से कुछ आसान चरणों में गन्ना कैलेंडर देख सकते हैं। इसके लिए आपके पास किसान का नाम या Grower Code जैसी जानकारी होनी चाहिए।
कैलेंडर देखने की प्रक्रिया इस प्रकार है:
- सबसे पहले मोबाइल में CaneUp की आधिकारिक वेबसाइट खोलें।
- वेबसाइट पर दिखाई देने वाला कैप्चा भरें।
- अपने जिले, गन्ना समिति और चीनी मिल से संबंधित जानकारी चुनें।
- उपलब्ध किसान रिकॉर्ड में अपना नाम या Grower Code खोजें।
- अपना किसान विवरण खोलें।
- अब 2026-27 के गन्ना कैलेंडर वाले विकल्प पर जाएं।
- उपलब्ध कैलेंडर और पर्ची संबंधी जानकारी स्क्रीन पर देख सकते हैं।
ध्यान रखें कि वेबसाइट पर दिखाई देने वाले विकल्पों के नाम और उनकी उपलब्धता समय के अनुसार बदल सकती है। अगर जानकारी नहीं खुल रही है, तो कुछ समय बाद दोबारा कोशिश करें।
गन्ना सर्वे डेटा में ये गलतियां जरूर जांचें
किसान के गन्ना रिकॉर्ड में सर्वे डेटा का बहुत महत्व होता है। इसमें खेत का रकबा, गन्ने की प्रजाति और किसान से जुड़ी दूसरी जानकारी दर्ज होती है। अगर सर्वे के समय खेत का क्षेत्रफल गलत दर्ज हो गया है या किसी खेत की जानकारी छूट गई है, तो आगे सट्टा और आपूर्ति से जुड़ी परेशानी हो सकती है।
इसलिए किसान को अपना रिकॉर्ड खोलकर इन बातों की जांच करनी चाहिए:
- किसान का नाम और पिता का नाम सही दर्ज है या नहीं।
- गांव, समिति और चीनी मिल की जानकारी सही है या नहीं।
- गन्ने का क्षेत्रफल और दर्ज प्रजाति सही है या नहीं।
- खेत और गन्ना उत्पादन से जुड़ी जानकारी में कोई गलती तो नहीं है।
अगर कोई गलती मिलती है, तो संबंधित गन्ना समिति या गन्ना पर्यवेक्षक से संपर्क करके सुधार की प्रक्रिया पूछें।
प्री-कैलेंडर और फाइनल कैलेंडर में अंतर समझें
कई किसानों को प्री-कैलेंडर और गन्ना कैलेंडर में अंतर समझ नहीं आता। दोनों का उपयोग गन्ना आपूर्ति की जानकारी देखने के लिए होता है, लेकिन इनकी स्थिति अलग होती है। प्री-कैलेंडर शुरुआती जानकारी देता है। इसमें किसान अपने संभावित आपूर्ति कार्यक्रम को देख सकता है। इसके बाद संबंधित रिकॉर्ड और तय प्रक्रिया के अनुसार अंतिम कैलेंडर की जानकारी उपलब्ध होती है। इसलिए किसान को केवल प्री-कैलेंडर देखकर पर्ची की तारीख को अंतिम नहीं मानना चाहिए। वास्तविक आपूर्ति के लिए जारी पर्ची और सप्लाई टिकट में दी गई जानकारी को देखना जरूरी है।
गन्ना पर्ची नहीं आ रही है तो क्या करें?
अगर आपके गांव के दूसरे किसानों की पर्चियां आ रही हैं लेकिन आपकी पर्ची नहीं दिखाई दे रही है, तो सबसे पहले अपना गन्ना रिकॉर्ड जांचें। कई बार सर्वे, सट्टा, मोबाइल नंबर या दूसरे रिकॉर्ड में गड़बड़ी के कारण किसान को परेशानी हो सकती है। इसके अलावा पर्ची जारी होने का क्रम और मिल की आपूर्ति व्यवस्था भी अलग-अलग हो सकती है। ऐसी स्थिति में संबंधित गन्ना समिति से संपर्क करें। जरूरत पड़ने पर ऑनलाइन शिकायत भी दर्ज कर सकते हैं।
CaneUp पर ऑनलाइन शिकायत कैसे दर्ज करें?
अगर किसान की पर्ची, सर्वे डेटा या सट्टे में कोई समस्या है, तो उत्तर प्रदेश गन्ना विभाग के पोर्टल पर शिकायत दर्ज करने की सुविधा उपलब्ध है। शिकायत के लिए किसान को अपना नाम, मोबाइल नंबर, Grower Code और समस्या का विवरण देना पड़ सकता है।
शिकायत दर्ज करने का आधिकारिक पेज:
गन्ना किसान ऑनलाइन शिकायत पोर्टल
गन्ना विभाग के पोर्टल पर किसानों के लिए ये टोल-फ्री नंबर भी दिए गए हैं:
- 1800-121-3203
- 1800-103-5823
ई-गन्ना ऐप से भी देखें कैलेंडर और पर्ची
जो किसान मोबाइल ऐप के माध्यम से जानकारी देखना चाहते हैं, वे ई-गन्ना ऐप का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके माध्यम से गन्ना सर्वे, सट्टा, कैलेंडर, पर्ची और भुगतान से जुड़ी जानकारी देखने की सुविधा दी गई है। किसान को अपने मोबाइल में ऐप इंस्टॉल करते समय सही सरकारी ऐप की पहचान जरूर करनी चाहिए। ऐप में उपलब्ध जानकारी अपने गन्ना रिकॉर्ड से मिलाकर देखनी चाहिए।
गन्ना पर्ची कैलेंडर 2026-27 ऑनलाइन देखना अब आसान है। उत्तर प्रदेश के किसान CaneUp Enquiry Portal पर जाकर अपने सर्वे डेटा, प्री-कैलेंडर, गन्ना कैलेंडर, अतिरिक्त सट्टा और सप्लाई टिकट की जानकारी देख सकते हैं। किसानों को सलाह है कि वे पर्ची आने का इंतजार करने के बजाय समय-समय पर अपना सर्वे और सट्टा रिकॉर्ड भी जांचते रहें। अगर किसी तरह की गलती दिखाई देती है, तो तुरंत संबंधित गन्ना समिति या विभाग से संपर्क करें।

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